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    गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य बाजार भाव के बराबर फलतः पैक्स को गेहूं देने के प्रति किसान उदासीन


     शेरघाटी से कौशलेन्द्र कुमार।
    प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के पैक्स अध्यक्ष संघ शेरघाटी ने शनिवार को बैठक कर गेहूं अधिप्राप्ति पर विचार विमर्श किया। पैक्स संघ के अध्यक्ष व प्रबन्धकों ने बताया कि सरकार द्वारा गेहूं का घोसित समर्थन मूल्य के बराबर किसानों को खुले बाजार में मूल्य प्राप्त हो जा रहा है। फलतः किसान पैक्स में गेहूं देने में रूचि नहीं ले रहे हैं। वे उदासीन है। गेहूं खरीद के लिए जागरूकता चलाने के बावजूद पूरे शेरघाटी प्रखण्ड व नगर मिलाकर 8 किसानों ने पंजीयन कराया है। इधर किसानों का कहना है कि कि सरकार 1925 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का दाम दे रही है। जबकि सामान्य बाजार में 1950 के भाव से नगद मिलता है। जबकि पैक्स में इन्तेजार करना पड़ता है। बाजार में अपनी जरूरत के अनुसार बेंचते है। पैक्स में थोक भाव से बेंचना पड़ता है। इस बार बोनस भी नहीं दिया जा रहा है। गेहूं का मन दर भी लगातार वर्षा से काफी कम हो रहा है। ऐसे में किसानों के ऊपर चौतरफा मार हो रहा है। पैक्स अध्यक्ष संघ ने यह भी कहा कि एसएफसी द्वारा चावल लेने में भी आनाकानी किया जा रहा है। पहले हम लोग को 17% नमी पर बी ग्रेड का धान क्रय करवाया गया। लगातार वर्षा के कारण धान में नमी बना रहा मिलिंग कराने के बाद जब चावल दिया जा रहा है तो एक-एक सप्ताह चावल  अनलोड नहीं किया जा रहा है। यह कहते हुए चावल को रिजेक्ट किया जा रहा है कि लाल या टूट रहने पर किसी भी स्थिति में चावल स्वीकार्य नहीं होगा। ऐसे में सारे पैक्स में अभी भी धान का भंडारण है। फलस्वरूप गेहूं की अधिप्राप्ति भी इससे प्रभावित है। हालांकि अब तक किसानों का रुझान गेहूं विक्रय करने की ओर नहीं दिख रहा है। बैठक में प्रबन्धक रजनीश कुमार, अध्यक्ष। मिथिलेश यादव। रामदेव यादव। कौशल दास, महेंद्र यादव,मनोज कुमार आदि मौजूद रहे। 
    फ़ोटो बैठक करते पैक्स अध्य्क्ष




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