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    सरकारी से लेकर निजी विद्यालय में रही 150वीं गांधी जयंती की धूम, आर एस मेमोरियल बचपन किंडरगार्टन ने मनाया महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती

    महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की धूम सरकारी से लेकर निजी विद्यालयों में भी देखने को मिली। हर जगह महात्मा गांधी के संदेशों को फैलाने का संकल्प लिया गया। ईमामगंज प्रखण्ड के पाकरडीह स्थित आर पी एस इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ मिलकर महात्मा गांधी की 150वीं एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती मनाई।

     आज गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर बांके बाज़ार में आर एस मेमोरियल बचपन किंडरगार्टन में एक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कक्षा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय के छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता को पिडिलाइट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तरफ से आयोजित किया गया था जिसमें लगभग 75 बच्चो ने भाग लिया।

     इस मौके पर विधालय के निदेशक  कमलेश कुमार ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से बच्चो के अंदर एक्स्ट्रा करिक्युलर एक्टिविटी करने की क्षमता उत्पन्न होती है और बच्चो के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने ये भी बताया कि आज के शिक्षा में बच्चो के अंदर सृजनशीलता का विकास करना भी अति आवश्यक है। प्रतियोगिता में बेटियों ने जलवा दिखाते हूए प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आरुषि कुमारी, द्वितीय स्थान पर रानी कुमारी एवं तृतीय स्थान पर अंकिता कुमारी ने अपना परचम लहराया, जिन्हें विधालय के निदेशक के द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर पिडिलाइट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के धीरज कुमार, संतलेश कुमार, प्राचार्या सोनम गुप्ता, एकेडमिक इंचार्ज नेहा अदिति, मलका तरान्नुम, रिंकी कुमारी तथा शिक्षक प्रदीप कुमार के अलावा सैकड़ों अभिभावक भी मौजूद थे।

    ईमामगंज प्रखण्ड के +2 प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय, ईमामगंज की छात्राओं ने गांधी जयंती पर स्वच्छता प्रभात फेरी निकाली।

    मध्य विद्यालय पडरिया में बच्चों को महात्मा गांधी के जीवनी से अवगत कराते हुए प्रधानाध्यापक बलिंद्र सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी एक महान विचारधारा, प्रेरणा और त्याग की भावना का नाम है। जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए भारत को आजदी दिलाई थी। आज उनके जन्मदिवस स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। बच्चों को उनके उनकी जीवनी से अवगत होते हुए उनके बताए गए मार्गों पर चलने की जरूरत है।

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