हाईमास्ट लाइट खराब, शाम ढलते ही पसर जाता है अंधेरा
न अफसरों को फिक्र न जनप्रतिनिधियों को
अधिकारी और जनप्रतिनिधि ने भी इस पर कभी विचार नहीं किया कि आखिर यह भीड़ भाड़ वाले पर चौक लाइट रहते अंधेरे में क्यों है। शहरवासी रंजय चौधरी कहते हैं कि शहर के जो मुख्य जगह है वह अंधेरे में रहता है। जबकि अन्य जगहों पर एलईडी लाइट जलती है।
16 लाख रुपए से लगाई गई लाइट एक माह भी नहीं जली
भीड़ भाड़ वाले इलाके में पसरा रहता है अंधेरा
वैसे तो शहर के अन्य बिजली पोल पर लगा एलईडी लाइट जलते हैं, लेकिन शहर का वह जगह जहां भीड़भाड़ सबसे ज्यादा रहता है भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की गश्ती जीप प्रायः वही खड़ी रहती है। वही सबसे ज्यादा अंधेरा पसरा होता है। इसी चौक के आस-पास बनारस, छतीसगढ़, झारखंड, पटना, बक्सर, आरा, सासाराम, जाने के लिए यात्री बस, जीप खड़े होते हैं। हजारों लोगों को प्रतिदिन यहां से होकर गुजरना है, लेकिन फिर भी किसी ने आज तक इसे गंभीरता से नही लिया है।
अंधेरा रहने से कई बार घट चुकी है घटनाएं
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कर्मी ने बताया कि नगर परिषद को दूधिया रौशनी से जगमग करने के लिए दस हजार दो सौ एलईडी लाइट आया है। जिसमें अभी आधे भी नगर में नहीं लगे हैं। जो लगे है उसमें कई जल भी नहीं रहे हैं। पर यह देख लोग आश्चर्य करते हैं कि शहर के लिए जो जगह चर्चित है देर रात तक भीड़ रहता है वह कैसे सबके नजरों से दूर है। जबकि अंधेरे रहने से कई बार दुर्घटना भी घटित हो चुकी है। डिवाइडर में नही दिखने से कई बार ट्रक व बाइक ने टक्कर मार दी है।
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