कुशल युवा कार्यक्रम में सहयोग नहीं करने वाले कोचिंग संचालकों पर होगी कार्रवाई
गया (एक प्रतिनिधि) बिहार सरकार के सात निश्चय के अंतर्गत संचालित कुशल युवा कार्यक्रम बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत 15 से 28 वर्ष के मैट्रिक पास ही युवाओं को 3 माह का बेसिक कंप्यूटर भाषा कौशल और व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है बिहार की युवाओं को कुशल बनाना।
सरकार का लक्ष्य 5 साल में बिहार के एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देकर कुशल बनाना था लेकिन अभी तक केवल 10 लाख युवा ही प्रशिक्षण प्राप्त कर पाए हैं। प्रशिक्षण हेतु प्रत्येक प्रखंडों में प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए वही प्रखंड से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी लक्ष्य को पूरा करने में लगे हुए फिर भी कुशल युवा कार्यक्रम अपने लक्ष्य से काफी दूर है। लोक कला विकास मंच के सचिव सुमन कुमार ने बताया कि कुशल युवा कार्यक्रम में नामांकन नहीं होने का मुख्य कारण प्रखंडों में संचालित कोचिंग संचालकों द्वारा बच्चों में इस कार्यक्रम के प्रति नकारात्मक विचार पैदा करना है वे बच्चों को बताते हैं इस कार्यक्रम में समय की बर्बादी है तथा यह फालतू कार्यक्रम है जिसके फलस्वरुप बच्चे चाहते हुए भी कुशल युवा कार्यक्रम में नामांकन नहीं ले पाते हैं वही कई कोचिंग संचालक, प्रशिक्षण केंद्र से गए हुए प्रतिनिधि को बच्चों के बीच कार्यक्रम की जानकारी देने से भी रोकते हैं। वही श्री कुमार ने आगे बताया कि इसके लिए जिला कौशल प्रबंधक एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि वैसे कोचिंग संचालकों को चिन्हित कर उसकी जानकारी हमें दें उन पर कार्रवाई निश्चित होगी।
सरकार का लक्ष्य 5 साल में बिहार के एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देकर कुशल बनाना था लेकिन अभी तक केवल 10 लाख युवा ही प्रशिक्षण प्राप्त कर पाए हैं। प्रशिक्षण हेतु प्रत्येक प्रखंडों में प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए वही प्रखंड से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी लक्ष्य को पूरा करने में लगे हुए फिर भी कुशल युवा कार्यक्रम अपने लक्ष्य से काफी दूर है। लोक कला विकास मंच के सचिव सुमन कुमार ने बताया कि कुशल युवा कार्यक्रम में नामांकन नहीं होने का मुख्य कारण प्रखंडों में संचालित कोचिंग संचालकों द्वारा बच्चों में इस कार्यक्रम के प्रति नकारात्मक विचार पैदा करना है वे बच्चों को बताते हैं इस कार्यक्रम में समय की बर्बादी है तथा यह फालतू कार्यक्रम है जिसके फलस्वरुप बच्चे चाहते हुए भी कुशल युवा कार्यक्रम में नामांकन नहीं ले पाते हैं वही कई कोचिंग संचालक, प्रशिक्षण केंद्र से गए हुए प्रतिनिधि को बच्चों के बीच कार्यक्रम की जानकारी देने से भी रोकते हैं। वही श्री कुमार ने आगे बताया कि इसके लिए जिला कौशल प्रबंधक एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि वैसे कोचिंग संचालकों को चिन्हित कर उसकी जानकारी हमें दें उन पर कार्रवाई निश्चित होगी।
