क्वारंटाइन सेंटर से भागे 200 प्रवासी मजदूर, लातेहार में बढ़ा बवाल
नाश्ता-पानी नहीं मिलने के कारण सभी प्रवासी मजदूर क्वारंटाइन सेंटर से शुक्रवार को निकल भागे, इसके बाद प्रशासनिक पदाधिकारियों ने मान-मनौव्वल करना शुरू कर दिया।
एक प्रतिनिधि (लातेहार) जिला मुख्यालय के बालक उच्च विद्यालय में बनाए गए सरकारी क्वारंटाइन सेंटर में कई दिनों से ठीक से खाना नहीं मिलने व शुक्रवार को मजदूरों को सुबह से नाश्ता नहीं दिए जाने पर आरोप लगाकर वहां रह रहे लगभग दो सौ की संख्या में प्रवासी मजदूर घर जाने के लिए निकल पड़े। उनके केंद्र छोड़कर निकलने की सूचना लातेहार थाना को मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जुलुस की शक्ल में लातेहार शहर के मेन रोड पर मार्च कर रहे प्रवासी मजदूरों को रोकने की कोशिश की। परंतु कुव्यवस्था से नाराज प्रवासी मजदूरों ने एक भी नहीं सुनी और घर जाने पर अड़े रहे।
एसपी ने सड़क पर उतरकर मजदूरों को रोककर समझा कर वापस भेजा क्वारंटाइन सेंटर।
पुलिस ने दल बल के साथ उन्हें थाना चौक के पास रोका। इस दौरान मजदूरों ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में भूखे मरने से अच्छा घर पर मरना ठीक है। मजदूरों ने बताया कि हैदराबाद से पैदल चलकर 12 दिनों में हमलोग लातेहार पहुंचे हैं। यहां पर मजदूरों को रहने व खाने की व्यवस्था नहीं है। मजदूरों ने कहा कि 16 घंटे बीत जाने के बाद एक गिलास पानी तक पूछने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के नाम पर सरकार के पैसा को लूटा जा रहा है। इस दौरान लातेहार एसपी प्रशांत आनंद, एसडीओ सागर कुमार, मेजर सुशांत कुमार, डीएसपी एन करमाली, डीटीओ बंधन लांग समेत अन्य अधिकारियों के साथ थाना चौक पहुंचे और नाराज प्रवासी मजदूरों को वापस क्वारंटाइन सेंटर लौट जाने की बात कही।


