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    बिहार में बड़ी संख्या में रोजाना प्रवासी आ रहे हैं, इसको देखते हुए यह जरूरत है कि बिहार के हर जिले में कोरोना जांच की व्यवस्था हो

    प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार में वेंटिलेटर की कमी है, वहीं टेस्टिंग कैपेसिटी भी उतनी नहीं है। बता दें कि अन्य बड़े राज्यों की तुलना में बिहार में कोरोना टेस्ट कम हो रहे हैं। जबकि दूसरे राज्यों में टेस्टिंग की सुविधा ज्यादा है। जितनी बड़ी संख्या में बिहार में रोजाना प्रवासी आ रहे हैं, इसको देखते हुए यह जरूरत है कि बिहार के हर जिले में कोरोना जांच की व्यवस्था हो। यह मांग केंद्र से की जा रही है। मौजूदा समय में हमे रोजाना 10 हजार टेस्ट करने की जरूरत है, जिसमें हमें केंद्र का सहयोग चाहिए।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मीटिंग कर रहे हैं। इस समीक्षा बैठक में मोदी मुख्यमंत्रियों से राज्य के हालात के बारे में फीडबैक ले रहे हैं। सूत्रों की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक सीएम नीतीश ने 31 मई तक लॉकडाउन को बढ़ाने की अपील की है।
    वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि बाहर से आ रहे लोगों की रेंडम कोरोना जांच कराने की बजाय अब ज्यादा से ज्यादा संख्या में कोरोना टेस्ट कराने पर फोकस किया जाये। अधिकारियों को इसके लिए पूरी तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। सरकार राज्य में कोरोना जांच की क्षमता बढ़ाने पर पूरा फोकस लगा रही है ताकि राज्य के अंदर कोरोना चैन को तोड़ा जा सके।

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