अनलॉक 1 में सरकार के निर्देशों का नहीं हो रहा अनुपालन, 60 फीसदी लोगों में नहीं दिख रहा मास्क
शेरघाटी से कौशलेन्द्र कुमार
बिहार सरकार द्वारा अनलॉक वन के तहत दुकान, प्रतिष्ठान, निजी व सार्वजनिक वाहनों के संचालन के लिए विशेष गाइडलाइन जारी कर दिए गए हैं। परंतु उक्त दुकानों प्रतिष्ठानों व आम नागरिकों द्वारा गाइडलाइन का अनुपालन मापदंड के अनुसार होते नहीं देखा जा रहा है। बाजार दुकान एवं सार्वजनिक स्थानों पर हैंड वॉश सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंस का अनुपालन नहीं दिख रहा है। मास्क का उपयोग भी अधिकांश लोग नहीं कर पा रहे हैं। अनुमान अनुसार लगभग 60 से 70 फ़ीसदी आम जनों द्वारा मास्क का उपयोग नहीं देखा जा रहा है।बस पड़ाव पर बस पार्किंग के पूर्व सैनिटाइजेशन आवश्यक है ।लेकिन सैनिटाइजेशन तो दूर चारों ओर गंदगी पसरा है।महीने पूर्व से सुनसान बस पड़ाव पर सोमवार को शेरघाटी में निजी बस पड़ाव में महारानी बस दिखा।
उक्त बस के चालक रामविलास यादव और कंडक्टर अनुज सिंह ने बताया कि मालिक के आदेशानुसार गया से रानीगंज के लिए चलने वाली बस में सीटिंग के अनुसार यात्री को बैठाना है। उन्होंने बताया कि प्रथम दिन गया से मात्र दो सवारी शेरघाटी लेकर आए। जबकि शेरघाटी से रानीगंज के लिए एक भी सवारी बस पड़ाव में नहीं मिला है।खाली बस लेकर रानीगंज की ओर चल पड़े हैं। रास्ते में सवारी मिलती है तो उसे उठाया जाएगा। ऐसे में बुद्धिजीवियों के मन मस्तिष्क में यह सवाल उठ रहा है कि को रोना जैसे महामारी से बचाव के लिए जहां सरकार सुरक्षित रहने का लगातार आह्वान कर रही है वही आम नागरिक छूट मिलते हैं अपने कर्तव्य का अनुपालन करते नहीं देखे जा रहे हैं ।ऐसे में बीमारी फैलने के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उक्त बस के चालक रामविलास यादव और कंडक्टर अनुज सिंह ने बताया कि मालिक के आदेशानुसार गया से रानीगंज के लिए चलने वाली बस में सीटिंग के अनुसार यात्री को बैठाना है। उन्होंने बताया कि प्रथम दिन गया से मात्र दो सवारी शेरघाटी लेकर आए। जबकि शेरघाटी से रानीगंज के लिए एक भी सवारी बस पड़ाव में नहीं मिला है।खाली बस लेकर रानीगंज की ओर चल पड़े हैं। रास्ते में सवारी मिलती है तो उसे उठाया जाएगा। ऐसे में बुद्धिजीवियों के मन मस्तिष्क में यह सवाल उठ रहा है कि को रोना जैसे महामारी से बचाव के लिए जहां सरकार सुरक्षित रहने का लगातार आह्वान कर रही है वही आम नागरिक छूट मिलते हैं अपने कर्तव्य का अनुपालन करते नहीं देखे जा रहे हैं ।ऐसे में बीमारी फैलने के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।


