कौशलेंद्र शेरघाटी
गया के बर्तन व्यवसाई दो सगे भाई हत्याकांड का तकनीकी अनुसंधान के द्वारा उद्भेदन कर लिया गया है। बुधवार को शेरघाटी के अपर पुलिस उपाधीक्षक रवीश कुमार ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक व्यवसाई बंधुओं की हत्या का सूत्रधार इमामगंज के व्यवसायियों का भतीजा ही है।उसने ही अपराधियों से मिलीभगत कर मोबाइल से लोकेशन दे रहा था। मोबाइल कॉल के डिटेल से इस बात का खुलासा हुआ है। इमामगंज व्यवसायियों का भतीजा अमरजीत कुमार ग्राम बभनडीह इमामगंज जिला गया की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड से पर्दा उठा। उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर लिया है। प्रेस वार्ता में शामिल थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आमस थाना कांड संख्या 167 /2020 दिनांक 14 अगस्त की रात्रि पंकज कुमार एवं चंदन कुमार दो बर्तन व्यवसाई से बंधुओं को लूटपाट के दौरान अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस कांड में धारा 394, 302, 34 एवं 27 शस्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज है। वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अमरजीत को कब्जे में लेकर जब मोबाइल डिटेल प्राप्त किया गया तथा सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सब कुछ स्वीकार कर लिया। और अपराधी गिरोह की जानकारी दी।अमरजीत ने बताया कि इमामगंज के अपराधी गिरोह कुणाल सिंह तथा सागर पासवान ग्राम सेवा इमामगंज के अलावा अन्य अपराध कर्मी इसमें संलिप्त हैं।एसडीपीओ श्री कुमार ने कहा कि कुणाल के घर से घटना में प्रयुक्त मोबाइल एवं मृतक चंदन का लूटा हुआ मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है।
अमरजीत इमामगंज के व्यवसायियों का भतीजा है।
अपराधियों को दे रहा था लोकेशन
एसडीपीओ ने बताया कि इमामगंज के व्यवसाई राजू प्रसाद, सिंधु प्रसाद ,अरूण प्रसाद एवं रानीगंज के दिलीप प्रसाद साव चार व्यवसायियों से यह थोक व्यापारी 5 लाख 68 हजार वसूल किए थे। जिसे लेकर गया वापस लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि एक व्यवसायी से दो लाख 34 हजार दूसरे से दो लाख 24 हजार एवं शेष पैसे तीसरे एवं चौथे व्यवसाई के घर से वसूली गई थी। जिसकी पूरी जानकारी अमरजीत को था। इसी के आधार पर अमरजीत ने अपराधी गिरोह से मिलकर लूट की योजना बनाई। उन्होंने कहा कि जैसे ही व्यवसाई बंधु अपने पिकअप भान से इमामगंज से निकले अपराधियों को सूचना दी गई। अपराधी गिरोह का एक सदस्य बांके बाजार में रुका रहा। जब व्यवसाई बंधु का पिकअप बांके बाजार पहुंची तो पहले से घात लगाए हरदासपुरमें अपराधकर्मियों को जानकारी दी गई। इस प्रकार इस लूट व हत्या को अंजाम दिया गया था। अपराधियों ने हरिदासपुर में धावा बोलकर पहले व्यवसायियों को लूटने का असफल प्रयास किया। सफल नहीं हो पाए तो दोनों भाइयों को गोली मारकर हत्या कर दी।
चालक भी है संदिग्ध
एसडीपीओ ने कहा कि चालक की भूमिका भी संदिग्ध है। व्यवसाई द्वारा पिकअप वाहन के तिरपाल में छिपाकर रखे गए ₹568000 की जानकारी चालक को था। परंतु उसने व्यवसायियों की हत्या के बाद यह सोच कर पुलिस को जानकारी नहीं दी। उसकी मनसा पैसा चुराने की थी। लेकिन जब आमस पुलिस रात्रि में ही पिकअप भान लेकर चली आई तो चालक को पैसा हाथ नहीं लगा। तत्पश्चात अमरजीत ने 2:00 बजे रात को तिरपाल में छिपा कर रखे हुए पैसे की जानकारी दिया।तत्पश्चात पुलिस 5 लाख 68 हजार बरामद की। जिसे परिजनों को सौंप दिया गया है। इसी के आधार पर पुलिस अपना अनुसंधान बढ़ाई। जिसके कारण मामले का उद्भेदन हो सका।
अपराधियों की पहचान
पुलिस उक्त हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों की पहचान कर ली है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। हत्या में शामिल व्यवसायी 5 भाई हैं। एसडीपीओ कुमार ने बताया कि हत्या में शामिल इमामगंज के पांच भाई व्यवसाय करते हैं। जिनकी बर्तन की दुकान है।