डोभी से राजस्थान ले जाए जा रहे 4 बाल मजदूर को शेरघाटी में कराया गया मुक्त। सेंटर डायरेक्ट संस्था नेकी पहल
कौशलेंद्र कुमार शेरघाटी
सेन्टर डायरेक्ट स्वंम सेवी संस्था के परियोजना समन्यवयक दीना नाथ मौर्य के पहल पर बुधवार को डोभी से राजस्थान ले जाए जा रहे चार बाल मजदूरों को शेरघाटी थाना लाकर पूछताछ की जा रही है। जिसमें एक किशोरी भी शामिल हैं। मौर्य ने बताया कि संस्था के डोभी कार्यकर्ता के माध्यम से पता चला कि डोभी से कुछ मजदूर और बच्चे को जयपुर ले जाने के लिये बस आयी है। जिनमे चूडी कारखाना में काम करवाने के लिए दलाल द्वारा बच्चों को ले जाया जा रहा है। ईसकी सूचना तुरंत बाल संरक्षण इकाई गया को दिया गया। उनके आदेश पर संस्था के सभी स्टाफ शेरघाटी के नदी पार पुल के पास चेकिंग लगाया। जिसके दौरान जयपुर न कि 2 बस को रोका गया। पहली बस में तो सभी यात्रियों का आधार चेक करने पर सब की उम्र 20 से 25 वर्ष मिला। जिसे चेक करने के बाद छोड़ दिया गया। उसके बाद दूसरी बस संख्या R J07 P A 7786 आयी जिसे चेक करने पर कुल 3 नाबालिग लड़के और एक लड़की जिनका उम्र लगभग 14 से 15 वर्ष पाए गए। बच्चों में अनिल कुमार और निर्मल कुमार बाराचट्टी थाना के हरैया गांव के हैं। माया कुमारी बाराचट्टी के कोहवरी एवम अजय कुमार शेरघाटी के योगापुर का रहनेवाला है। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि सभी के अभिभावक को बुलाया गया है। कॉउंसलिंग के बाद बच्चों को मुक्त किया जाएगा। बस ट्रेकिंग में संस्था के विजय केवट, राज कुमार, उमेश राम ,अर्चना कुमारी मौजूद रहे।
फोटो बस चेकिंग करते संस्था सदस्य
