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शेरघाटी के मोहब्बतपुर गांव में अपराधियों ने ग्रामीण पंकज यादव की गोली मारकर की हत्या, घटना का कारण पैसे का लेन देन का है विवाद। मृतक ब्याज पर लगाता था पैसा
शेरघाटी के मोहब्बतपुर गांव में अपराधियों ने ग्रामीण पंकज यादव की गोली मारकर की हत्या, घटना का कारण पैसे का लेन देन का है विवाद। मृतक ब्याज पर लगाता था पैसा
शेरघाटी से
कौशलेंद्र कुमार
शेरघाटी थाना के मोहब्बतपुर सफ़ीचक से बुधवार को 10 घंटे बाद उठाया गया शव। 8 सितंबर के रात लगभग 8 बजे स्थानीय पंकज यादव की हत्या ताड़ी के दुकान के पास अपराधियों ने गोली मारकर कर दी थी। तत्पश्चात आक्रोशित ग्रामीण वा स्वजनों ने हत्यारों को गिरफ्तार करने एवं मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को घटना स्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का मांग था कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी घटना स्थल पर आकर आश्वासन नहीं देंगे , तब तक शव को उठने नहीं दिया जाएगा। आखिरकार बुधवार को शेरघाटी बीडीओ प्रशांत कुमार प्रश्न व अंचला अधिकारी सुधीर कुमार तिवारी के पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को 10 घंटे बाद शव उठाने दिया। तत्पश्चात पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल अस्पताल गया भेजी है। अधिकारियों ने बताया कि मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री कबीर अंत्येष्टि योजना का तीन हजार नगद एवं पारिवारिक लाभ योजना के तहत ₹20000 का चेक दिया गया है। इधर शेरघाटी थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम से लौटने के बाद स्वजनों के तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रथम दृष्टया हत्या का कारण पैसे का लेन देन माना जा रहा है। लेकिन इन सारी बिंदुओं पर जांच चल रही है। मृतक के पुत्र विवेक कुमार ने बताया कि पापा ब्याज पर पैसे का लेनदेन करते थे। गांव के ही बैजनाथ मांझी पिता चलितर मांझी हाल मुकाम सगाही से विवाद चल रहा था। उसने बताया कि पापा प्रायः ताड़ी का सेवन करते थे। वे इसके आदी थे। मंगलवार की रात गांव में ही बुढ़िया नदी के किनारे सफ़ीचक सीमा पर अपने तीन चार साथी मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद बड़े व मोहम्मद वाहिद के साथ जटू चौधरी के ताड़ीखाना पर ताड़ी पी रहे थे। इसी बीच दो मोटरसाइकिल से चार पांच लोग अपना चेहरा ढके हुए ताड़ी दुकान पहुंचे। जिसमें कई लोग चेहरा छुपाए थे। जबकि बैजनाथ मांझी का चेहरा खुला था। उसने रिवाल्वर निकालकर मेरे पापा को दो तीन गोली मारा जिससे उनकी मौत घटनास्थल पर हो गई। उसने बताया कि एक गोली पेट दूसरी बांह एवं तीसरी कनपटी में सटाकर मारा गया है। इधर मृतक के भाई प्रेम यादव और हीरा यादव ने कहा कि संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि तीन-चार दिन पहले से ही रेकी किया जा रहा था। क्योंकि गांव के एक छोटा सा होटल चलाने वाले से पंकज का मोबाइल नंबर मांगा गया था।इसी प्रकार दो-तीन दिन से लगातार ताड़ी की दुकान पर दो तीन बाइक सवार आ रहे थे। जैसा कि चौधरी ने बताया। इस प्रकार से संभावना है कि पंकज की हत्या एक रणनीति के तहत किया गया है। उल्लेखनीय हो कि मृतक मदनपुर थाना के जेवर व्यवसाई रामप्रवेश सिंह हत्या का नामजद आरोपी था। पुलिस को उसकी तलाश थी। कुछ दिन पूर्व उसके घर में उसकी गिरफ्तारी पर दबाव बनाने के लिए कुर्की जब्ती तक किया गया था। साथ ही वह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वह मुखिया पद से उम्मीदवार भी था
