लोक कल्याण इंटरनेशनल स्कूल अकौना शेरघाटी में शुक्रवार को लाल बहादुर शास्त्री व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व सादगी के प्रतीक शास्त्री जी की जयंती व अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर 'बापू को जानो' क्विज़ का आयोजन में बच्चों ने उत्साह से लिया हिस्सा
कौशलेंद्र
शेरघाटी आमस के अकौना स्थित लोक कल्याण इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षकों व नवम वर्ग के छात्र छात्राओं द्वारा शुक्रवार को
राष्ट्रपिता गांधी जी व लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें माल्यार्पण कर श्रद्धा पूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर विद्यालय निदेशक रंजीत कुमार पाठक व प्रधानाचार्य आदित्य आर्यन ने महत्मा गाँधी जी और शास्त्री जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन दोनों ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। शास्त्री जी को याद करके हर उस शख्स को विशेष प्रेरणा मिलती है जो अभाव में जीते हुए कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं वे संपूर्ण मानवता के प्रेरणास्रोत बने हुए हैं । बापूजी की सत्य, अहिंसा और प्रेम का संदेश समाज में समरसता और सौहार्द्र का संचार कर के समस्त विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है । पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जी की अभूतपूर्व समर्पण और सत्य निष्ठा से देश की सेवा की। गांधी एक विचार है जिसे हम सभी को अपनाना होगा हम सभी सत्य अहिंसा व सामाजिक समानता के मूल्यों का पालन करें l उनकी इसी त्याग और समर्पण के कारण हम उन्हें राष्ट्रपिता और बापू के नाम से पुकारते हैं । साथ ही उन्होंने सभी से गांधी जी व शास्त्री जी के दिखाए मार्ग पर चलने तथा स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए अग्रसर किया। विद्यालय के निदेशक, शिक्षक गण एवं विद्यार्थी गण ने संकल्प लेते हुए कहा कि हम सभी सत्य, अहिंसा के मार्ग का अनुसरण करते हुए राष्ट्र के कल्याण और प्रगति के लिए सदैव समर्पित रहेंगे और एक स्वस्थ ,समृद्ध ,सशक्त व समावेशी भारत का निर्माण करके उनके सपनों को साकार करेंगे। इस शुभ अवसर पर कक्षा नवम और विद्यालय के शिक्षकों ने ' बापू को जानो' क्विज़ 2020 में भाग लिया। क्विज के माध्यम से बच्चों ने गाँधी और गांधीवाद को समझा। साथ ही शिक्षकों ने भी गाँधी जी और शास्त्री जी के विचारधारा को अभिव्यक्त किया। जिन विद्यार्थियों और शिक्षकों ने क्विज प्रतियोगिता में भाग लिया उनमें -नसरीन नाज ,भीम कुमार, प्रभात रंजन , विनीत कुमार, फैयज़ अहमद, रेयान, अमित, शाश्वत श्रेय, अमित, काशिफ, बॉबी ... आदि के साथ शिक्षकों में धर्मेन्द्र कुमार, विकाश शर्मा, रवि रंजन मिश्रा, इफ्तेखर तबिश, राकेश कुमार, चंद्र प्रकाश सिंह, मो. नफीस और कन्हैया सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

